Credit on expired stock and free samples is coming. Here is what it means for you.
If you ever threw away expired goods or gave out free samples, the GST you paid on them was usually a dead cost. The 57th GST Council wants to change that.
10 OCT 202657TH GST COUNCILITC · EXPIRED STOCK · SAMPLES
GST अपडेट · 57वीं काउंसिल बैठक
एक्सपायर हुए स्टॉक और फ्री सैंपल पर क्रेडिट मिलेगा। आपके लिए इसका क्या मतलब है।
अगर आपने कभी एक्सपायर हुआ माल नष्ट किया है या फ्री सैंपल बाँटे हैं, तो उन पर चुकाया गया GST अब तक आमतौर पर नुकसान ही रहता था। 57वीं GST काउंसिल इसे बदलना चाहती है।
एक्स्पायर झालेला स्टॉक आणि मोफत सॅम्पलवर क्रेडिट मिळणार. तुमच्यासाठी याचा अर्थ काय.
एक्स्पायर झालेला माल नष्ट केला असेल किंवा मोफत सॅम्पल वाटले असतील, तर त्यावर भरलेला GST आतापर्यंत बहुतेक वेळा तोटाच ठरत असे. 57 व्या GST कौन्सिलला हे बदलायचे आहे.
Input tax credit (ITC) on goods you are legally required to destroy.
If goods expire and the law requires you to destroy them, you will be able to take credit for the GST you paid when buying them.
Example: A medicine distributor buys tablets worth ₹1,00,000 and pays 5% GST (₹5,000). The batch expires and the law requires it to be destroyed. Earlier, the ₹5,000 was a loss. Once notified, he can claim it as credit and set it against GST on later sales.
Free samples get credit too
ITC on free samples.
Samples given away free, such as physician samples in pharma, can carry credit. Until now this credit was blocked.
Example: A pharma company buys packing material and printing worth ₹50,000 plus 18% GST (₹9,000) to make free sample packs for doctors. Earlier, the ₹9,000 credit was blocked. Once notified, it can be set against the GST payable on its sales.
Money stuck in credit can be refunded
Inverted duty refund extended to input services and plant & machinery.
Tax paid on input services counts for credit availed on or after 1 Nov 2026. Plant and machinery counts from 1 Apr 2027.
Example: A manufacturer sells goods worth ₹10,00,000 at 5%, collecting ₹50,000 GST. He pays 18% on inputs: ₹90,000 on raw materials and ₹18,000 on services such as professional and testing fees. So ₹58,000 of credit stays unused. Earlier, only the tax on goods counted for the refund. For credit availed on or after 1 Nov 2026, the ₹18,000 on services can count too. A ₹10,00,000 machine carries ₹1,80,000 GST, which can count from 1 Apr 2027. The actual refund follows the formula in the rules.
Other expenses now eligible
Wider ITC on employee insurance, telecom towers, and pipelines outside a factory.Example: A company pays ₹10,800 GST on the premium of a group health insurance policy for its staff. Earlier, this was an added cost. Once notified, it can be claimed as credit.
No tax on tax for some services
Credit chain on 5% services.
Services taxed at 5% without credit had broken the chain, so tax was charged twice. The chain will now continue.
Example: A travel agency books a ₹6,000 hotel room for a client and pays ₹300 GST (5%) with no credit. It then resells the service to the client and charges GST on the full bill. Earlier, the ₹300 could not be set off, so tax was paid twice on the same room. Now the chain continues and the agency can set it off.
What to do now
Keep a record of every expired batch and the destruction proof. Track free samples separately from normal sales. Check for credit piling up on services (applies from 1 Nov 2026). Wait for the CBIC notification before claiming anything.
Please remember: the Council only recommends. These become law through CBIC notifications, and any Act changes need legislative approval. Reports differ on some detail, so check the official press release before acting. All example figures are illustrative, not tax advice.
Written on 10 October 2026 from public reporting on the 57th GST Council meeting.
SG
Founder and Director
10 October 2026
What did you think of this article?
YOUR FEEDBACK HELPS US WRITE BETTER GUIDES FOR BUSINESSES LIKE YOURS
💬 Comments 0
Loading comments...
चरण 1काउंसिल की सिफारिश
चरण 2CBIC अधिसूचना
चरण 3लागू
एक्सपायर स्टॉक पर टैक्स वापस क्लेम कर सकेंगे
इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) उस माल पर जिसे कानूनन नष्ट करना ज़रूरी है।
अगर माल एक्सपायर हो जाए और कानून उसे नष्ट करना ज़रूरी बताता हो, तो उसे खरीदते समय चुकाए गए GST का क्रेडिट मिल सकेगा।
उदाहरण: एक दवा वितरक ₹1,00,000 की गोलियाँ खरीदता है और 5% GST (₹5,000) चुकाता है। बैच एक्सपायर हो जाता है और कानून के अनुसार उसे नष्ट करना ज़रूरी है। पहले ये ₹5,000 नुकसान थे। अधिसूचना आने के बाद वह इन्हें क्रेडिट के रूप में क्लेम करके आगे की बिक्री पर GST में घटा सकेगा।
फ्री सैंपल पर भी क्रेडिट
मुफ़्त सैंपल पर ITC।
मुफ़्त दिए गए सैंपल, जैसे फार्मा में डॉक्टरों को दिए जाने वाले सैंपल, पर क्रेडिट मिल सकेगा। अब तक यह क्रेडिट रोका गया था।
उदाहरण: एक फार्मा कंपनी डॉक्टरों को देने के लिए फ्री सैंपल पैक बनाने हेतु ₹50,000 की पैकिंग और प्रिंटिंग खरीदती है और 18% GST (₹9,000) चुकाती है। पहले ये ₹9,000 का क्रेडिट रोका गया था। अधिसूचना आने के बाद इसे अपनी बिक्री पर देय GST में घटाया जा सकेगा।
अटका हुआ क्रेडिट रिफंड हो सकेगा
इन्वर्टेड ड्यूटी रिफंड अब इनपुट सेवाओं और प्लांट व मशीनरी तक बढ़ा।
इनपुट सेवाओं पर चुकाए टैक्स का रिफंड उस क्रेडिट पर मिलेगा जो 1 नवंबर 2026 या उसके बाद लिया गया हो। प्लांट और मशीनरी पर यह 1 अप्रैल 2027 से मिलेगा।
उदाहरण: एक निर्माता ₹10,00,000 का माल 5% GST पर बेचता है और ₹50,000 GST वसूलता है। उसकी खरीद पर 18% लगता है: कच्चे माल पर ₹90,000 और सेवाओं (जैसे प्रोफेशनल और टेस्टिंग फीस) पर ₹18,000। इस तरह ₹58,000 का क्रेडिट इस्तेमाल नहीं हो पाता। पहले रिफंड में सिर्फ़ माल पर चुकाया टैक्स गिना जाता था। 1 नवंबर 2026 या उसके बाद लिए गए क्रेडिट में सेवाओं के ₹18,000 भी गिने जा सकेंगे। ₹10,00,000 की मशीन पर ₹1,80,000 GST लगता है, जो 1 अप्रैल 2027 से गिना जा सकेगा। असली रिफंड नियमों में दिए सूत्र से तय होगा।
और खर्चे भी पात्र
व्यापक ITC — कर्मचारी बीमा, टेलीकॉम टावर, और फैक्ट्री के बाहर की पाइपलाइन।उदाहरण: एक कंपनी अपने कर्मचारियों की ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी के प्रीमियम पर ₹10,800 GST चुकाती है। पहले यह अतिरिक्त खर्च था। अधिसूचना आने के बाद इसे क्रेडिट के रूप में क्लेम किया जा सकेगा।
टैक्स पर टैक्स नहीं
5% वाली सेवाओं में क्रेडिट की कड़ी।
जिन सेवाओं पर बिना क्रेडिट के 5% GST लगता था, उनमें कड़ी टूट जाती थी और टैक्स दो बार लगता था। अब कड़ी जारी रहेगी।
उदाहरण: एक ट्रैवल एजेंसी ग्राहक के लिए ₹6,000 का होटल रूम बुक करती है और बिना क्रेडिट के 5% GST (₹300) चुकाती है। फिर वह यह सेवा ग्राहक को आगे बेचती है और पूरे बिल पर GST लगाती है। पहले ये ₹300 घटाए नहीं जा सकते थे, इसलिए एक ही रूम पर टैक्स दो बार लगता था। अब कड़ी जारी रहेगी और एजेंसी इसे घटा सकेगी।
अभी क्या करें
हर एक्सपायर बैच और उसे नष्ट करने के सबूत का रिकॉर्ड रखें। फ्री सैंपल का हिसाब सामान्य बिक्री से अलग रखें। सेवाओं पर जमा क्रेडिट देखें (1 नवंबर 2026 से लागू)। कोई भी क्लेम करने से पहले CBIC अधिसूचना का इंतज़ार करें।
ध्यान रखें: काउंसिल सिर्फ़ सिफारिश करती है। ये बदलाव CBIC अधिसूचना से लागू होते हैं, और कानून में बदलाव के लिए विधायी मंज़ूरी चाहिए। कुछ ब्योरों पर रिपोर्ट्स अलग हैं, इसलिए कार्रवाई से पहले आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति देखें। सभी उदाहरण आंकड़े समझाने के लिए हैं, टैक्स सलाह नहीं।
यह लेख 10 अक्टूबर 2026 को 57वीं GST काउंसिल बैठक पर सार्वजनिक रिपोर्टों के आधार पर लिखा गया है। आँकड़े उदाहरण मात्र हैं। CBIC के परिपत्रों से परिचालन विवरण अद्यतन हो सकते हैं, इसलिए कार्रवाई से पहले ताज़ा निर्देश देखें या अपने CA या कर सलाहकार से बात करें।
SG
संस्थापक और निदेशक
10 अक्टूबर 2026
आपको यह लेख कैसा लगा?
आपकी राय हमें आपके जैसे बिज़नेस के लिए बेहतर गाइड लिखने में मदद करती है
💬 टिप्पणियाँ 0
Loading comments...
टप्पा 1कौन्सिलची शिफारस
टप्पा 2CBIC अधिसूचना
टप्पा 3अंमलबजावणी
एक्स्पायर स्टॉकवरील कर परत क्लेम करता येईल
इनपुट टॅक्स क्रेडिट (ITC) कायद्यानुसार नष्ट कराव्या लागणाऱ्या मालावर।
माल एक्स्पायर झाला आणि कायद्यानुसार तो नष्ट करणे बंधनकारक असेल, तर तो खरेदी करताना भरलेल्या GST चे क्रेडिट मिळू शकेल.
उदाहरण: एक औषध वितरक ₹1,00,000 रुपयांच्या गोळ्या खरेदी करतो आणि 5% GST (₹5,000) भरतो. बॅच एक्स्पायर होतो आणि कायद्यानुसार तो नष्ट करावा लागतो. पूर्वी हे ₹5,000 रुपये तोटा होते. अधिसूचना आल्यावर तो ते क्रेडिट म्हणून क्लेम करून पुढील विक्रीवरील GST मधून वजा करू शकेल.
मोफत सॅम्पलवरही क्रेडिट
मोफत सॅम्पलवर ITC.
मोफत दिलेल्या सॅम्पलवर, उदा. फार्मामध्ये डॉक्टरांना दिले जाणारे सॅम्पल, क्रेडिट मिळू शकेल. आतापर्यंत हे क्रेडिट बंद होते.
उदाहरण: एक फार्मा कंपनी डॉक्टरांना देण्यासाठी मोफत सॅम्पल पॅक बनवण्यासाठी ₹50,000 रुपयांचे पॅकिंग आणि प्रिंटिंग खरेदी करते आणि 18% GST (₹9,000) भरते. पूर्वी हे ₹9,000 रुपयांचे क्रेडिट बंद होते. अधिसूचना आल्यावर ते आपल्या विक्रीवर देय GST मधून वजा करता येईल.
अडकलेले क्रेडिट परत मिळू शकेल
इन्व्हर्टेड ड्युटी रिफंड आता इनपुट सेवा आणि प्लांट व मशिनरीपर्यंत वाढवले.
इनपुट सेवांवर भरलेल्या करासाठी रिफंड 1 नोव्हेंबर 2026 रोजी किंवा नंतर घेतलेल्या क्रेडिटवर मिळेल. प्लांट आणि मशिनरीसाठी हे 1 एप्रिल 2027 पासून मिळेल.
उदाहरण: एक उत्पादक ₹10,00,000 रुपयांचा माल 5% GST वर विकतो आणि ₹50,000 रुपये GST गोळा करतो. त्याच्या खरेदीवर 18% लागतो: कच्च्या मालावर ₹90,000 आणि सेवांवर (उदा. व्यावसायिक आणि चाचणी शुल्क) ₹18,000. त्यामुळे ₹58,000 रुपयांचे क्रेडिट वापरले जात नाही. पूर्वी रिफंडमध्ये फक्त मालावर भरलेला कर धरला जात असे. 1 नोव्हेंबर 2026 रोजी किंवा नंतर घेतलेल्या क्रेडिटमध्ये सेवांचे ₹18,000 रुपयेही धरता येतील. ₹10,00,000 रुपयांच्या मशिनवर ₹1,80,000 रुपये GST लागतो, जो 1 एप्रिल 2027 पासून धरता येईल. प्रत्यक्ष रिफंड नियमांतील सूत्रानुसार ठरेल.
आणखी खर्च पात्र
व्यापक ITC — कर्मचारी विमा, टेलिकॉम टॉवर, आणि कारखान्याबाहेरील पाइपलाइन.उदाहरण: एक कंपनी आपल्या कर्मचाऱ्यांच्या ग्रुप हेल्थ इन्शुरन्स पॉलिसीच्या प्रीमियमवर ₹10,800 रुपये GST भरते. पूर्वी हा अतिरिक्त खर्च होता. अधिसूचना आल्यावर तो क्रेडिट म्हणून क्लेम करता येईल.
करावर कर नाही
5% सेवांमधील क्रेडिटची साखळी.
क्रेडिटशिवाय 5% GST लागणाऱ्या सेवांमध्ये साखळी तुटत असे आणि कर दोनदा लागत असे. आता साखळी चालू राहील.
उदाहरण: एक ट्रॅव्हल एजन्सी ग्राहकासाठी ₹6,000 रुपयांची हॉटेल रूम बुक करते आणि क्रेडिटशिवाय 5% GST (₹300) भरते. मग ती ही सेवा ग्राहकाला पुढे विकते आणि संपूर्ण बिलावर GST लावते. पूर्वी हे ₹300 रुपये वजा करता येत नव्हते, त्यामुळे एकाच रूमवर कर दोनदा लागत असे. आता साखळी चालू राहील आणि एजन्सी ते वजा करू शकेल.
आता काय करावे
प्रत्येक एक्स्पायर बॅच आणि तो नष्ट केल्याच्या पुराव्याची नोंद ठेवा. मोफत सॅम्पलचा हिशेब सामान्य विक्रीपासून वेगळा ठेवा. सेवांवर साठलेले क्रेडिट तपासा (1 नोव्हेंबर 2026 पासून लागू). कोणताही क्लेम करण्यापूर्वी CBIC अधिसूचनेची वाट पाहा.
लक्षात ठेवा: कौन्सिल फक्त शिफारस करते. हे बदल CBIC अधिसूचनेद्वारे लागू होतात, आणि कायद्यातील बदलांसाठी विधिमंडळाची मंजुरी लागते. काही तपशिलांबाबत रिपोर्ट्समध्ये फरक आहे, म्हणून कृती करण्यापूर्वी अधिकृत प्रेस रिलीज पाहा. सर्व उदाहरणांतील आकडे समजावण्यासाठी काल्पनिक आहेत, कर सल्ला नाही.
हा लेख 10 ऑक्टोबर 2026 रोजी 57 व्या GST परिषद बैठकीवरील सार्वजनिक वृत्तांताच्या आधारे लिहिला आहे. आकडे उदाहरणादाखल आहेत. CBIC च्या परिपत्रकांमुळे कार्यपद्धतीचे तपशील बदलू शकतात, म्हणून कार्रवाईपूर्वी ताजे निर्देश पाहा किंवा तुमच्या CA अथवा कर सल्लागाराशी बोला.
SG
संस्थापक आणि संचालक
10 ऑक्टोबर 2026
हा लेख तुम्हाला कसा वाटला?
तुमच्या अभिप्रायामुळे आम्हाला तुमच्यासारख्या व्यवसायांसाठी अधिक चांगली मार्गदर्शक तयार करण्यास मदत होते
💬 टिप्पण्या 0
Loading comments...
Get new posts in your inbox
One email a week — no spam.
नए लेख अपने इनबॉक्स में पाएं
हफ्ते में एक ईमेल — कोई स्पैम नहीं।
नवीन पोस्ट तुमच्या इनबॉक्समध्ये मिळवा
आठवड्यातून एक ईमेल — कोणताही स्पॅम नाही.
You May Also Like
आपको ये भी पसंद आ सकते हैं
तुम्हाला हे देखील आवडू शकते
More insights on GST, compliance, and cash flow for Indian MSMEs.
भारतीय MSMEs के लिए GST, कम्प्लायंस और कैश फ्लो पर और जानकारी।
भारतीय MSMEs साठी GST, कम्प्लायन्स आणि कॅश फ्लोवर अधिक माहिती.